International No Diet Day 2025 In Hindi : हर इंसान के लिए उसकी सेहत महत्वपूर्ण धन होता है, ये हम सभी जानते हैं। आज के समय में हर व्यक्ति चाहता है कि उसका शरीर फिट और हेल्दी रहे। इसके लिए सबसे जरूरी होता है सही खानपान। बहुत से लोग अपना वजन कम करने या फिर किसी हेल्थ प्रॉब्लम को कंट्रोल में रखने के लिए डाइटिंग करते हैं।
हम अपने आस-पास गौर करें तो वर्तमान समय में लोग अपनी हेल्थ को लेकर काफी अवेयर हो गए हैं। जिस कारण लोग अपने खाने-पीने पर काफी कंट्रोल रखते हैं। दुनियाभर में ऐसे लोग बड़ी संख्या में हैं जो हर वक्त डाइटिंग फॉलो करते हैं और खुलकर खा-पी नहीं पाते। वे लोग अपनी हेल्थ को प्राथमिकता देते हुए अपनी कई मनपसंद चीजों को खाना छोड़ देते हैं।
लोगों के लाइफ में डाइट और उनकी सेहत का ध्यान रखते हुए हीं हर साल दुनियाभर में 6 मई को ‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे‘ (International No Diet Day 2025) मनाया जाता है। ये दिन खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो हर वक्त वेट लॉस या फिटनेस के चक्कर में अपनी डाइट को लेकर परेशान रहते हैं। इस दिन दुनियाभर के सेहत का ख्याल रखने वाले लोग सारी परेशानी छोड़ अपनी डाइट को भूलकर जो मन होता है वो खाते हैं। तो आइए जानते हैं ‘इंटरनेशनल नो डाइट डे’ के इतिहास, महत्व और थीम के बारे में –
Read More : Coal Miners Day 2025 In Hindi : कब और क्यों मनाया जाता है ‘कोयला खनिक दिवस’, क्या है इसका महत्व

क्या है ‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ ?
अक्सर जो लोग डाइट के चक्कर में खाना-पीना छोङ देते हैं, अपनी सेहत का ध्यान रखने वाले ऐसे ही लोगों को ध्यान में रखते हुए हर साल मई महीने में ‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ (International No Diet Day 2025) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य है लोगों को डाइटिंग के कड़े नियमों से एक दिन के लिए आजादी देना और उन्हें अपनी पसंद की चीजें बिना किसी गिल्ट के खाने के लिए मोटिवेट करना। ये दिन खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो हर वक्त वेट लॉस या फिटनेस के चक्कर में अपनी डाइट को लेकर परेशान रहते हैं। इतना ही नहीं डाइट के चक्कर में वे अपनी कई मनचाही खाने की चीजों से मुंह फेर लेते हैं।
कब मनाया जाता है ‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ ?
दुनियाभर में हर साल 6 मई को ‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ (International No Diet Day 2025) मनाया जाता है। इसे लोग चीट डे के तौर पर भी सेलिब्रेट करते हैं। हिंदी में इसे आहार निषेध दिवस कहा जाता है। इस दिन को मनाने का असली मकसद ये याद दिलाना है कि हम अपनी पसंद की चीजें खाकर भी हेल्दी रह सकते हैं साथ ही हमेशा हेल्थी रहने के डर से अपने मन को मारना भी कहीं न कहीं आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
Read More : Coal Miners Day 2025 In Hindi : कब और क्यों मनाया जाता है ‘कोयला खनिक दिवस’, क्या है इसका महत्व

‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ का इतिहास
‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ (International No Diet Day 2025) की शुरुआत 1992 में ब्रिटेन की मैरी इवांस ने की थी। मैरी इवांस खुद एनोरेक्सिया नाम की बीमारी से जूझ रही थीं। यह बीमारी ऐसी होती है जिसमें लोग वजन बढ़ने के डर से खाना कम कर देते हैं और उनका वजन बहुत घट जाता है। इस बीमारी के कारण उन्होनें काफी लंबे समय तक डाइट का सहारा लिया। तब जाकर उन्हें ये अहसास हुआ कि जरुरत से ज्यादा डाइट और खाने को लेकर मन में बने रहने वाले डर से हमारी फिजिकल हेल्थ के साथ ही मेन्टल हेल्थ भी इफेक्ट होती है। त
भी उन्होंने ये दिन शुरू किया ताकि लोग अपने शरीर को जैसे हैं वैसे एक्सेप्ट करें और बॉडी पॉजिटिविटी को बढ़ावा मिले। उन्होंने “डाइट ब्रेकर्स” नाम से एक समूह बनाया था। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह था कि लोग अपने शरीर को जैसा है वैसा ही स्वीकार करें और अपने शरीर की इज्जत करें। साथ ही, डाइटिंग के नुकसान को भी समझें। इसी वजह से मैरी ने यह खास दिन शुरू किया। तब से लेकर आज तक हर साल यह दिन 6 मई को मनाया जाता है।
Read More : World Press Freedom Day 2025 In Hindi : क्यों और कब मनाया जाता है ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’
कैसे मनाते हैं ‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ ?
दुनियाभर में ‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ (International No Diet Day 2025) कई तरीकों से मनाया जाता है।
- इस दिन लोग अलग-अलग तरह की डाइट से जुङी गतिविधियों और कार्यक्रमों में भाग लेकर इस दिन को खास बनाते हैं।
- इस दिन को मनाने के लिए बॉडी पॉजिटिविटी वर्कशॉप्स आयोजित की जाती हैं, जहाँ लोगों को अपने शरीर को अपनाने और उससे प्यार करना सिखाया जाता है।
- ‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ (International No Diet Day 2025) के दिन सेल्फ-केयर एक्टिविटीज जैसे योग, ध्यान, या रिलैक्सेशन से जुड़ी चीजें भी की जाती हैं, जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती हैं।
- इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी कई तरह के कैंपेन चलाए जाते हैं, जिनके जरिए लोग अपनी कहानियाँ साझा करते हैं और दूसरों को प्रेरित करते हैं कि वे भी अपने शरीर को सकारात्मक नजरिए से देखें।
- इस दिन का एक और खास पहलू यह है कि लोग guilt-free होकर अपने पसंदीदा और स्वस्थ भोजन का आनंद ले सकते हैं, ताकि खाने से जुड़ा डर या अपराध-बोध खत्म हो सके। इस तरह, यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी सेहत केवल डाइटिंग से नहीं, बल्कि खुद से प्यार करने और संतुलित जीवन जीने से जुड़ी है।

क्यों मनाया जाता है ‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ ?
आजकल के समय में लोग अपनी सेहत को लेकर इतना जागरुक हो रहे हैं, कि लगभग सभी लोग डाइटिंग को अपना रहे हैं। डाइटिंग करना या खाने पर कंट्रोल करना कोई गलत बात नहीं है। ये डाइटिंग समस्या तब बन जाती है जब इसके चक्कर में लोग अपनी सेहत को नुकसान पहुंचाने लगते हैं।
दरअसल, जरूरत से ज्यादा कैलोरी घटाने की कोशिश से लो ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और टाइप 2 डायबिटीज जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। ऐसे में ‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ (International No Diet Day 2025) का मकसद है लोगों को यह संदेश देना कि वे अपने शरीर से प्यार करें, खुद को जैसा हैं वैसे अपनाएँ, स्वस्थ भोजन का आनंद लें और डाइटिंग के नुकसान को समझें।
‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ लोगों को ये मैसेज देता है कि हेल्दी रहना जरूरी है, लेकिन खुद को जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस देना ठीक नहीं। एक दिन ऐसा भी होना चाहिए जब आप बिना किसी टेंशन के वो सब कुछ खा सकें जो आपको पसंद है। ये दिन खासतौर पर उन लोगों के लिए होता है जो रोजाना अपने खानपान को लेकर बहुत स्ट्रिक्ट रहते हैं।
ऐसे में लोग इस दिन अपने डाइट के नियमों को थोड़ा साइड में रखकर बिना किसी गिल्ट के अपनी फेवरेट चीजें खा सकते हैं। इंटरनेशनल नो डाइट डे का मुख्य उद्देश्य है कि हम अपने शरीर और खाने के बीच एक हेल्दी और पॉजिटिव रिश्ता बनाएं। ताकि डाइटिंग (International No Diet Day 2025) के साथ बिना अपना मन मारे भी हम अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख पाएं साथ ही शारीरिक और मानसिक दोनों तरीके से हेल्दी बन सकें।