World Food Safety Day 2025: ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ के दिन जानें फूड सेफ्टी से जुड़ी आवश्यक बातें, खराब खाने का निवाला पहुंचा सकता है अपकी सेहत को नुकसान, हो सकती है गंभीर बिमारियां

हर साल 7 जून को World Food Safety Day मनाया जाता है, ताकि लोगों को ये समझाया जा सके कि साफ और सुरक्षित खाना क्यों जरूरी है। खाना सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं होता, बल्कि अगर वो गंदा या दूषित हो, तो हमारी सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है।
इस बार 2025 में इस दिन की थीम रखी गई है “Food Safety: Science in Action”। इसका मतलब ये है कि फूड सेफ्टी अब सिर्फ आदत नहीं, बल्कि साइंस का हिस्सा बन चुकी है। यानी कि वैज्ञानिक तरीकों से हम ये पता लगा सकते हैं कि कौन-से कारण खाने को असुरक्षित बनाते हैं, और कैसे हम बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट बताती है कि हर 10 में से 1 इंसान ऐसा है जो दूषित खाने की वजह से बीमार पड़ता है। और हर दिन करीब 16 लाख लोग ऐसे हैं जिन्हें खराब खाने की वजह से हेल्थ से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए ज़रूरी है कि हम सिर्फ खाने का स्वाद न देखें, बल्कि उसकी सफाई और सुरक्षा पर भी ध्यान दें।

चाहे वो घर का खाना हो या बाहर का, अगर खाना ठीक से साफ न हो तो उसमें बैक्टीरिया, वायरस या केमिकल्स हो सकते हैं जो हमें बीमार कर सकते हैं। इस तरह के दिनों का मकसद सिर्फ जागरूकता फैलाना नहीं होता, बल्कि ये हमें ये भी सिखाते हैं कि खुद को और अपने परिवार को सेहतमंद कैसे रखा जाए।

खराब खाने से हो सकती है शरीर में यह गंभीर बिमारियां

फूड प्वाइजनिंग: सबसे आम समस्या होती है फूड प्वाइजनिंग। ये तब होती है जब हम ऐसा खाना खा लेते हैं जिसमें बैक्टीरिया या कोई टॉक्सिक चीज़ मिली हो। इसके लक्षण अचानक उल्टी आना, बार-बार दस्त लगना, मतली और शरीर में पानी की कमी होना हो सकते हैं। ये तकलीफ कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक बनी रह सकती है।

फूड इंफेक्शन: दूसरी बड़ी दिक्कत होती है फूड इंफेक्शन। यानी ऐसा खाना जो या तो बहुत समय पुराना हो या फिर साफ तरीके से न पकाया गया हो। इससे शरीर में बैक्टीरिया घुस जाते हैं और पेट में दर्द, हल्का बुखार और थकावट जैसा महसूस होने लगता है।

लिवर से जुड़ी बीमारियां: अब बात करें लिवर से जुड़ी बीमारियों की। जब हम बार-बार खराब या गंदा खाना खाते हैं, तो इससे लिवर पर असर पड़ता है। खासकर ऐसे खाने में जो किसी तरह के इंफेक्शन से भरे होते हैं। धीरे-धीरे लिवर की फंक्शनिंग खराब होने लगती है और ये स्थिति आगे चलकर काफी गंभीर भी हो सकती है।

नोरोवायरस और हेपेटाइटिस A: अंत में, दो नाम जो अक्सर सुने जाते हैं — नोरोवायरस और हेपेटाइटिस A। ये दोनों वायरस दूषित खाना या गंदे पानी के जरिए हमारे शरीर में आते हैं। इनके कारण मौसमी वायरल इंफेक्शन, उल्टी-दस्त और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं जो लंबे इलाज की मांग करती हैं।

फूड सेफ्टी के आसान और जरूरी टिप्स

अगर हेल्दी रहना है तो सिर्फ अच्छा और पौष्टिक खाना काफी नहीं, उसे साफ-सुथरे तरीके से पकाना और खाना भी उतना ही जरूरी है। बहुत सी बीमारियां हमारे किचन की लापरवाही से ही शुरू होती हैं। चलिए जानते हैं कुछ आसान लेकिन बेहद जरूरी फूड सेफ्टी टिप्स जो हर किसी को फॉलो करने चाहिए।

कच्चे या अधपके खाने से हमेशा बचें, खासकर जब बात मांस, अंडे या सीफूड की हो। इन चीजों को अच्छी तरह पकाना जरूरी है ताकि उनमें मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाएं। सब्जियों को भी अच्छे से पकाकर ही खाएं, खासकर बारिश या गर्मियों के मौसम में। हाथों की सफाई को कभी हल्के में न लें। खाना बनाने या खाने से पहले कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोना बेहद जरूरी है। साबुन और साफ पानी से हाथ धोने की ये आदत कई बीमारियों से बचा सकती है।

किचन की साफ-सफाई भी उतनी ही जरूरी है। जिन बर्तनों में खाना बनाते या खाते हैं, उन्हें अच्छे से धोना चाहिए। किचन की सतहें जहां खाना काटते हैं या रखते हैं, वहां भी नियमित सफाई होनी चाहिए। जब भी मीट, अंडे या सीफूड खरीदें, उनकी ताजगी जरूर चेक करें। पुराने या बदबूदार प्रोडक्ट्स से दूर रहें क्योंकि ये खाने के साथ-साथ आपकी सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

फल और सब्जियों को बिना धोए कभी इस्तेमाल न करें। बाहर से दिखने में साफ लगने वाले फल भी कई बार कीटनाशकों या धूल से भरे होते हैं। उन्हें बहते पानी में धोकर ही खाएं। खुले में रखा खाना या गंदा पानी बीमारियों को खुला न्योता देता है। कोशिश करें कि ताजा और ढका हुआ खाना ही खाएं।

पानी हमेशा फिल्टर किया हुआ या उबला हुआ ही पिएं, खासकर जब बाहर का पानी पीने की नौबत हो। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप न सिर्फ अपने खाने को सुरक्षित बना सकते हैं, बल्कि खुद को और अपने परिवार को भी कई तरह की फूडबॉर्न बीमारियों से बचा सकते हैं।

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