Ibuprofen Uses, Precautions, Side Effects In Hindi : इबुप्रोफेन के उपयोग, सावधानियां, दुष्प्रभाव

Ibuprofen Uses, Precautions, Side Effects In Hindi : मानव का शरीर एक ऐसी रचना है, जिसमें कभी भी कोई भी बीमारी दस्तक दे सकती है। अगर हम अपने आस-पास गौर करें, तो शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा होगा, जिसके शरीर में कोई रोग या दर्द न हों। शरीर के ऐसे दर्द को दूर करने के लिए व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली एक दवा इबुप्रोफेन है। ये दवा दर्द निवारक (Analgesic), बुखार कम करने वाली (Antipyretic) और सूजन कम करने वाली (Anti-inflammatory) के रूप में जानी जाती है। यह दवा नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) वर्ग से संबंधित है।

इबुप्रोफेन एक ऐसी दवा है, जिसे डॉक्टर अक्सर हल्के से मध्यम दर्द, बुखार, मासिक धर्म ऐंठन, माइग्रेन, गठिया और सूजन जैसी स्थितियों के इलाज के लिए लिखते हैं। विशेष परिस्थितियों में इसका उपयोग समय से पहले जन्मे शिशुओं में पेटेंट डक्टस आर्टेरियोसस (PDA) को बंद करने के लिए भी किया जाता है। इसके साथ ही अन्य दवाओं के तरह इस दवा के भी कुछ दुष्प्रभाव और सावधानियाँ होती हैं, जिनके बारे में जानकारी होना जरुरी होता है। इस आर्टिकल में हम इबुप्रोफेन दवा से जुडी सभी जरुरी बातों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

इबुप्रोफेन के उपयोग

इबुप्रोफेन एक ऐसी दर्द निवारक दवा है, जिसका उपयोग कई तरह की स्थितियों में किया जाता है। इसका प्रमुख कार्य दर्द, सूजन और बुखार को नियंत्रित करना है।

1. दर्द से राहत (Pain Relief)

  • सिरदर्द।
  • दांत का दर्द।
  • मासिक धर्म में ऐंठन।
  • मांसपेशियों का दर्द और अकड़न।
  • सर्जरी या चोट के बाद का दर्द।

2. सूजन और गठिया में राहत (Anti-inflammatory Benefits)

  • रुमेटाइड आर्थराइटिस।
  • ऑस्टियोआर्थराइटिस।
  • गठिया।
  • स्पोर्ट्स इंजरी और सूजन।

3. बुखार और अन्य बीमारियाँ

  • बुखार और फ्लू के लक्षणों से राहत।
  • सर्दी-जुकाम में आराम।

इबुप्रोफेन दवा से जुडे जरुरी सुझाव

सही तरीके से इस्तेमाल करने पर इबुप्रोफेन आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और असुविधा को दूर करने में मददगार साबित हो सकती है। जानते हैं इबुप्रोफेन दवा से जुडी उन जरुरी बातों के बारे में, जो इसे और भी अधिक असरदार बनाती है।

  • हमेशा कम से कम समय के लिए सबसे कम प्रभावी खुराक का उपयोग करें।
  • पेट की समस्या होने पर इसे भोजन, दूध या एंटासिड के साथ लें।
  • दवा लेने के बाद कम से कम 10 मिनट तक लेटने से बचें।
  • इबुप्रोफेन दवा की खुराक भूलने पर जैसे ही याद आए तुरंत दवा लें।
  • दवा के ओवरडोज की स्थिति में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
  • अगर अगली खुराक का समय नजदीक है, तो छूटी हुई खुराक न लें।
  • कितनी भी समस्या हो कभी भी दवा की डबल डोज न लें।

इबुप्रोफेन दवा की ओवरडोज के परिणाम

अगर किसी रोगी द्वारा इबुप्रोफेन दवा की सेवन जरुरत से ज्यादा कर लिया जाए, तो इसके भी दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इबुप्रोफेन की ओवरडोज के प्रभाव कुछ इस प्रकार हैं।

  • मतली या उल्टी आना।
  • पेट में दर्द होना।
  • चक्कर आना या सिर में भारीपन महसूस होना।
  • सांस लेने में कठिनाई होना।
  • ओवरडोज के कुछ गंभीर मामलों में रोगी को दौरे की शिकायत भी हो सकती है।

इबुप्रोफेन के दुष्प्रभाव

हर दवा की तरह, इबुप्रोफेन के भी कुछ संभावित दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ये सभी को नहीं होते, लेकिन फिर भी इसके बारे में जानकारी होना बहुत जरुरी होता है। आइए जानते हैं इबुप्रोफेन के सामान्य और गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में।

सामान्य दुष्प्रभाव

  • जी मिचलाना या उल्टी होना।
  • दस्त लगना।
  • सिरदर्द होना या चक्कर आना।
  • असामान्य रुप से थकान महसूस होना।
  • पेट दर्द और अपच की शिकायत होना।
  • नींद से जुडी समस्या होना।
  • त्वचा पर चकत्ते या खुजली होना।

गंभीर दुष्प्रभाव

  • धुंधली दृष्टि होना।
  • भ्रम की समस्या पैदा होना।
  • भोजन में स्वाद न आना।
  • सांस लेने में तकलीफ होना।
  • जोड़ या मांसपेशियों में तेज दर्द होना।
  • अत्यधिक चिंता या घबराहट महसूस होना।

इबुप्रोफेन दवा लेने से पहले इन बातों का रखे खास ध्यान

इबुप्रोफेन दवा बेशक बेहद असरदार और भरोसेमंद दवा है, लेकिन इसके बावजूद इसे लेने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। जानते हैं इबुप्रोफेन दवा से जुडी सावधानियों के बारे में।

  • अगर आपको इबुप्रोफेन, एस्पिरिन या किसी अन्य NSAID से एलर्जी है, तो इसका सेवन न करें।
  • अस्थमा के रोगियों को इबुप्रोफेन दवा के सेवन से बचना चाहिए।
  • हृदय से जुडी कोई बीमारी होने पर ये दवा नुकसान पहुंचा सकती है।
  • जिन लोगों को रक्त विकार की समस्या है, उनके लिए इबुप्रोफेन दवा नुकसानदायक हो सकती है।
  • यकृत या किडनी की समस्या वाले रोगियों को इस दवा के सेवन से बचना चाहिए।
  • निर्जलीकरण या पहले से किडनी रोग वाले व्यक्तियों में यह दवा गुर्दे की समस्या बढ़ा सकती है।
  • शराब या तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों के लिए इस दवा का सेवन जोखिम बढ़ा सकता है। इससे पेट में रक्तस्राव होने का खतरा बढ जाता है।
  • महिलाओं को गर्भावस्था के 20 सप्ताह के बाद और प्रसव तक इबुप्रोफेन दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • स्तनपान कराने वाली माताओं को डॉक्टर की सलाह पर ही .ये दवा लेनी चाहिए।
  • कुछ मामलों में वृद्ध व्यक्तियों में इस दवा से दिल का दौरा, स्ट्रोक और किडनी की समस्याओं का खतरा अधिक होता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह से ही इस दवा का सेवन करना चाहिए।

इबुप्रोफेन का सही उपयोग कैसे करें ?

इबुप्रोफेन दवा को लेने से पहले कुछ जरुरी बातों के बारे में जानकारी होना जरुरी है, ताकि ये दवा रोगी के शरीर को ठीक तरीके से फायदा पहुंचा सकें। इबुप्रोफेन दवा के उपयोग करने के सही तरीकों का वर्णन कुछ इस प्रकार है।

  • हमेशा पैकिंग या दवा गाइड पर लिखे निर्देश पढ़ लें।
  • इबुप्रोफेन टैबलेट को पूरे गिलास पानी के साथ लें।
  • पेट खराब होने पर इसे भोजन के साथ लेना बेहतर होता है।
  • गठिया जैसी दीर्घकालिक समस्याओं में इसका पूरा असर दिखने में 2 सप्ताह तक का समय लग सकता है। ऐसे में दवा के असर करने तक थोडा सब्र रखें।
  • बच्चों की खुराक केवल वजन के अनुसार दें और पैकिंग पर लिखे निर्देशों का उचित तरीके से पालन करें।

किन दवाओं के साथ इबुप्रोफेन दवा न लें ?

इबुप्रोफेन दवा कुछ खास दवाओं के साथ लेने से फायदे के स्थान पर नुकसान पहुंचा सकती है, तो जानते हैं उन दवाओं के बारे में जिनके साथ इबुप्रोफेन दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।

  • कैप्टोप्रिल और लिसिनोप्रिल।
  • लोसार्टन और वाल्सार्टन।
  • प्रेडनिसोन।
  • फ्यूरोसेमाइड।
  • लिथियम।
  • रक्तस्राव का खतरा बढ़ाने वाली दवाएँ।
  • एंटीप्लेटलेट दवाएँ जैसे क्लोपिडोग्रेल।
  • रक्त पतला करने वाली दवाएँ जैसे वारफेरिन, डेबीगेट्रान, एनोक्सापारिन।

इबुप्रोफेन को कैसे असरदार बनाए रखें ?

इबुप्रोफेन दवा को लंबे समय तक असरदार बनाए रखने के लिए जरुरी बातों का वर्णन इस प्रकार है।

  • दवा को कमरे के तापमान पर रखें।
  • नमी, धूप और गर्मी से दूर रखें।
  • बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
  • अगर घर में पालतू जानवर है, तो उसकी पहुंच से दूर रखें।

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