यह बात सही है कि माफ करना सिर्फ दूसरों को राहत देने का काम नहीं करता, बल्कि खुद हमारे दिल और दिमाग को भी हल्का करता है।
आज वैश्विक क्षमा दिवस यानी Global Forgiveness Day मनाया जा रहा है। ये दिन हम सभी को एक मौका देता है कि हम अपने बीते हुए गिले-शिकवे छोड़ दें और अपने रिश्तों को एक बार फिर से जीने की कोशिश करें।
कई बार हम छोटी-छोटी बातों को लेकर दिल में नाराज़गी पाल लेते हैं जो धीरे-धीरे रिश्तों में दूरी पैदा कर देती है। इस दिन की खासियत यही है कि आप चाहें तो अपने पुराने झगड़े भुलाकर एक नया रिश्ता शुरू कर सकते हैं, फिर चाहे वो दोस्ती हो, परिवार हो या कोई और रिश्ता।
माफ करना कमजोरी नहीं होती, ये ताकत होती है। जब हम किसी को दिल से माफ करते हैं, तो असल में हम खुद को भी आजाद कर रहे होते हैं उन यादों से, उस ग़ुस्से से जो हमें अंदर ही अंदर खा रहा होता है। तो क्यों न आज इस खास मौके पर किसी को कॉल करें, मैसेज करें या बस दिल से माफ कर दें। हो सकता है इससे सिफ आपका दिन नहीं, उनकी जिंदगी भी बदल जाए।
ऐसे शुरू हुआ ‘वैश्विक क्षमा दिवस’
‘वैश्विक क्षमा दिवस’ मनाने की शुरूआत साल 1994 में हुई थी। कनाडा के विक्टोरिया, ब्रिटिश कोलंबिया में CECA यानी ‘क्राइस्ट एम्बेसी ऑफ क्राइस्ट एंबेसडर’ नाम के एक संगठन ने सबसे पहले इसे ‘नेशनल फॉरगिवनेस डे’ के तौर पर शुरू किया था। धीरे-धीरे ये सोच दुनिया भर में फैलने लगी और फिर इसे ‘ग्लोबल फॉरगिवनेस डे’ यानी ‘वैश्विक क्षमा दिवस’ का नाम दे दिया गया।
हालांकि, इसी विषय पर एक और संगठन वर्ल्डवाइड फॉरगिवनेस एलायंस भी सक्रिय है, जिसने अगस्त महीने में एक अन्य क्षमा दिवस की शुरुआत की थी। यानी साल में दो दिन खासतौर पर क्षमा को समर्पित हैं। लेकिन दोनों ही दिनों का मकसद एक ही है लोगों को माफ करने की ताकत और अच्छाई को अपनाने के लिए प्रेरित करना। आज के समय में जब रिश्ते बहुत जल्दी टूट जाते हैं, तब माफ करने का भाव और भी ज्यादा जरूरी हो गया है। यही वजह है कि ये दिन दुनियाभर में लोगों के दिलों को जोड़ने का काम कर रहा है।

वैश्विक क्षमा दिवस का महत्व
Global Forgiveness Day हमें बताता है कि माफ करना किसी पर एहसान नहीं बल्कि खुद को आज़ाद करने का एक तरीका है। रिसर्च ये कहती है कि जो लोग दिल से माफ करना सीख लेते हैं, वो ज्यादा खुश और मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हैं। गुस्सा और बदले की भावना जहां इंसान को अंदर से तोड़ सकती है, वहीं क्षमा का रास्ता उसे हल्का और पॉजिटिव महसूस कराता है। हालांकि माफ करना हमेशा आसान नहीं होता। जब किसी ने हमें बहुत गहरा चोट पहुंचाया हो, तब उसे भूल पाना मुश्किल होता है।
लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि हमारे सोचने और समझने के नजरिए में थोड़ा बदलाव लाकर हम माफ करने की ताकत पा सकते हैं। जैसे कि अगर हम सामने वाले की गलतियों के पीछे की वजह को समझने की कोशिश करें, या खुद से ये पूछें कि क्या ये गुस्सा वाकई में हमें कुछ फायदा दे रहा है, तो शायद हमें जवाब मिल जाए। और जब हम माफ करते हैं, तो ना सिर्फ हमारे रिश्ते बेहतर होते हैं बल्कि हमारी खुद की जिंदगी भी सुकून से भर जाती है।
इस तरह से मनाएं Global Forgiveness Day
ग्लोबल फॉरगिवनेस डे मनाने के लिए सबसे पहली चीज़, अगर आपके दिल में किसी के लिए गुस्सा, नाराज़गी या कोई पुरानी बात अटकी हुई है, तो उसे आज माफ कर दीजिए। माफ करने का मतलब ये नहीं कि आप हार गए, बल्कि ये आपकी अंदरूनी ताकत को दिखाता है। माफ करके आप खुद को भी एक राहत देते हैं।
इस दिन आप किसी पुराने दोस्त, रिश्तेदार या ऐसे इंसान से बात कर सकते हैं जिससे आपकी लड़ाई हो गई थी। एक छोटा सा मैसेज, कॉल या बस एक ‘सॉरी’ या ‘थैंक यू’ कह देने से कई बार रिश्ता फिर से जुड़ जाता है। अगर आपको लगता है कि आपने किसी का दिल दुखाया है, तो ग्लोबल फॉरगिवनेस डे एक अच्छा मौका है उनसे माफी मांगने का।
माफी मांगने से इंसान छोटा नहीं होता, बल्कि ये आपके रिश्तों को और मजबूत बनाता है। आप चाहें तो ग्लोबल फॉरगिवनेस डे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना अनुभव भी शेयर कर सकते हैं। वहां लोग अपने माफ करने या माफी मांगने की कहानियां बताते हैं, जो पढ़कर लगता है कि दुनिया में अच्छाई अब भी जिंदा है।
अगर आपने किसी को माफ कर दिया है और वो भी आपसे दोबारा जुड़ना चाहता है, तो एक साथ की तस्वीर क्लिक कर सकते हैं। ये एक सिंपल लेकिन पॉजिटिव मेसेज बनता है कि माफ करना मुश्किल जरूर होता है, लेकिन नामुमकिन नहीं। ग्लोबल फॉरगिवनेस डे को मनाने का मकसद यही है कि हम दिल हल्का करें, दूसरों को समझें और माफ करके जिंदगी को थोड़ा आसान बनाएं।