Pantocid – Uses, Precautions, Side Effects In Hindi : पेंटोसिड – उपयोग, सावधानियां, दुष्प्रभाव

Pantocid – Uses, Precautions, Side Effects In Hindi : पेट से जुडी बीमारी होना बेहद आम बात है। अगर हम अपने आस-पास गौर करें, तो शायद ही कोई होगा, जिसे पेट और पाचन से जुड़ी कोई समस्या न हो। एसिडिटी, सीने में जलन और पेट के अल्सर आज के समय में बहुत आम समस्याएं हो चुकी हैं। अनियमित खानपान, तनाव, तैलीय व मसालेदार भोजन और लगातार दर्द निवारक दवाओं का सेवन इन समस्याओं को और बढ़ा देता है। पेट से जडी ऐसी सभी बीमारियों में पेंटोसिड दवा सबसे ज्यादा प्रभावकारी दवा मानी जाती है।

पेंटोसिड दवा प्रोटोन पंप इनहिबिटर (Proton Pump Inhibitor – PPI) वर्ग की दवा है, जो पेट में बनने वाले एसिड को नियंत्रित करती है और एसिडिटी से होने वाली परेशानियों में राहत दिलाती है। इसके साथ ही इस दवा के कुछ संभावित दुष्परिणाम और सावधानियां भी होती हैं, जिनके बारे में जानकारी होना जरुरी होता है। इस आर्टिकल में हम पेंटोसिड दवा के लाभ से लेकर दुष्प्रभाव और सावधानियों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

पेंटोसिड क्या है ?

पेंटोसिड एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है, यानी इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए। यह मुख्य रुप से टैबलेट और इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध होती है। इसका मुख्य घटक पैंटोप्राजोल (Pantoprazole) है, जो पेट में बनने वाले एसिड को कम करता है। जब पेट में एसिड की मात्रा ज्यादा हो जाती है, तो इससे एसिडिटी, सीने में जलन, पेट दर्द, अल्सर और गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। पेंटोसिड इस एसिड को नियंत्रित कर लक्षणों से राहत दिलाती है और अल्सर को ठीक होने का मौका देती है।

पेंटोसिड दवा के मुख्य उपयोग

पेंटोसिड दवा के मुख्य उपयोगों का वर्णन कुछ इस प्रकार है।

  • गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) – जब पेट का एसिड गले या खाने की नली में वापस आ जाता है, तो छाती में जलन और खट्टे डकार जैसी समस्या होती है। ऐसे में ये दवा तुरंत राहत देती है।
  • सीने में जलन – बार-बार एसिडिटी और सीने में जलन होने पर यह दवा आराम करती है।
  • एसिडिटी – पेंटोसिड दवा ज्यादा तेल-मसालेदार खाना खाने या देर से भोजन करने पर होने वाली एसिडिटी को कंट्रोल करती है।
  • अल्सर – पेट में अधिक अम्ल होने पर पेट की परत में छाले या घाव हो जाते हैं, जिसे अल्सर कहते हैं। इस स्थिति में पेंटोसिड दवा पेट के अल्सर में राहत देती है।
  • जोलिंगर-एलिसन सिंड्रोम – ये एक दुर्लभ बीमारी है, जिसमें पेट में अत्यधिक एसिड बनने लगता है। इस बीमारी में पेंटोसिड दवा आरामदायक साबित होती है।

पेंटोसिड दवा कैसे काम करती है ?

जब भी पेट से जुडी कोई समस्या होती है, तो डॉक्टर्स पेंटोसिड दवा को ही प्राथमिकता देते हैं। पेंटोसिड टैबलेट पेट की प्रोटोन पंप पर काम करती है। यह पंप पेट में एसिड बनाने का काम करते हैं। जब यह दवा इन पंप को रोक देती है तो एसिड का उत्पादन कम हो जाता है। इससे तुरंत पेट और गले की जलन में आराम मिलता है और पेट की असुविधा और गैस की समस्या भी कम होती है। यही कारण है, कि पेंटोसिड दवा अल्सर तक को ठीक करने में असरदार साबित होती है, क्योंकि ये सेवन के कुछ समय बाद ही पेट में अम्ल की मात्रा कम करना शुरु कर देती है, जिससे तुरंत असर मिलता है।

पेंटोसिड दवा के दुष्प्रभाव

पेंटोसिड पेट की एसिडिटी, सीने की जलन और अल्सर जैसी समस्याओं में बेहद प्रभावी दवा है। यह पेट में बनने वाले एसिड की मात्रा को नियंत्रित कर लक्षणों से राहत देती है। इसके साथ ही इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। जानते हैं पेंटोसिड दवा के हल्के और गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में।

हल्के दुष्प्रभाव

  • मतली या उल्टी आना।
  • सिरदर्द होना या सिर में भारीपन महसूस होना।
  • पेट दर्द या पेट में ऐंठन होना।
  • गैस बनना या पेट फूलना।
  • दस्त या कब्ज की शिकायत होना।
  • चक्कर आना।

गंभीर दुष्प्रभाव

  • अपच या कब्ज की समस्या होना।
  • राइनाइटिस यानि नाक से जुड़ी समस्या होना।
  • बुखार होना।
  • वर्टिगो यानि सिर घूमना।
  • त्वचा पर चकत्ते या एलर्जी होना।
  • जोड़ों में दर्द होना।
  • इंजेक्शन वाली जगह पर रिएक्शन होना।

पेंटोसिड दवा से जुडी जरुरी चेतावनियाँ

वैसे तो पेंटोसिड दवा एक भरोसेमंद दवा है, जो ज्यादातर मामलों में सुरक्षित होती है, लेकिन फिर भी इससे जुडी कुछ जरुरी चेतावनियां होती हैं,जो इस प्रकार है।

  • गर्भवती महिलाओं के लिए सामान्य रूप से ये दवा सुरक्षित मानी जाती है। फिर भी सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
  • स्तनपान कराने वाली महिलाओं में इसके मध्यम प्रभाव देखे गए हैं। इसके बावजूद भी इसके कोई विपरीत लक्षण दिखें, तो दवा बंद कर दें और डॉक्टर से संपर्क करें।
  • वैसे तो पेंटोसिड दवा का किडनी पर कोई हानिकारक असर नहीं होता। इसके बावजूद किडनी के रोगियों को इस दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरुर लेनी चाहिए।
  • लिवर पर इस दवा का हल्का असर पड़ सकता है। गंभीर लिवर रोग वाले मरीज डॉक्टर की निगरानी में ही इसका सेवन करें।
  • जिन लोगों को दिल की कोई बीमारी है, उन्हें इसके सेवन से पहले डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।

किन दवाओं के साथ पेंटोसिड दवा न लें ?

पेंटोसिड दवा लेने के कुछ समय बाद ही असर दिखाना शुरु कर देती है, लेकिन कुछ दवाओं के साथ पेंटोसिड लेने पर गंभीर प्रतिक्रिया हो सकती है। जानते हैं, उन दवाओं के बारे में जिनके साथ पेंटोसिड दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।

  • एच.आई.वी की दवा।
  • कैंसर और ऑटोइम्यून रोगों की दवा।
  • खून पतला करने की दवा।
  • एंटिफंगल दवा।
  • हृदय की दवा।

पेंटोसिड दवा लेने से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान

पेंटोसिड दवा पेट से जुडी हर प्रकार की समस्या के लिए बेहद असरदार दवाई है। फिर भी इसके सेवन से पहले कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरुरी होता है। आइए जानते हैं, उन जरुरी बातों के बारे में।

  • पेट के कैंसर वाले मरीजों को इस दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • दस्त या लगातार डायरिया की स्थिति में पेंटोसिड दवा के सेवन से बचना चाहिए।
  • ऑस्टियोपोरोसिस यानि हड्डियों की कमजोरी की स्थिति में इस दवा का सेवन न करें।
  • गंभीर लिवर रोग वाले मरीजों को पेंटोसिड दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

पेंटोसिड दवा के साथ अपनाएं ये जरुरी आदतें

पेंटोसिड दवा के असर को बढ़ाने और बार-बार एसिडिटी से बचने के लिए कुछ जरुरी आदतों को अपनाना बेहद जरुरी होता है। जानते हैं उन आदतों के बारे में, जो पेंटोसिड दवा के सेवन के साथ ही आपको पेट से जुडी बीमारी से बचाकर रखती है।

  • समय पर और हल्का भोजन करें ।
  • ज्यादा तेल-मसालेदार और तैलीय भोजन से बचें।
  • कैफीन युक्त पेय जैसे चाय और कॉफी कम लें।
  • शराब और धूम्रपान से परहेज करें।
  • छोटे-छोटे अंतराल पर खाना खाएं।
  • सोने से ठीक पहले भारी भोजन न करें।
  • भोजन के तुरंत बाद लेटे या बैठे नहीं। थोडी देर टहलें या पैदल चलें।

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