World Athletics Day 2025 In Hindi : एथलीट आमतौर पर वह व्यक्ति होता है, जो शारीरिक शक्ति या धीरज से जुङे हुए खेलों में प्रतिस्पर्धा करता है। एथलीट शब्द मुख्य तौर पर एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के खेल से जुङा होता है जैसे- मेराथन, रनिंग, स्वीमिंग, फुटबॉल, बॉस्केट बॉल, ट्रैक फील्ड आदि। वर्तमान समय में दुनियाभर में एथलीट्स को काफी सम्मान भरी नजरों से देखा जाता है। इसका कारण सिर्फ इतना नहीं है, कि वे अपने खेल के द्वारा देश का नाम ऊँचा करते हैं बल्कि ये हमारे आने वाली पीढियों को भी इसकी ओर आकर्षित करते हैं और इसके महत्व से उजागर करते हैं।
‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ के बारे में
हर साल मई के महीने में पूरे विश्व में ‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ (World Athletics Day 2025) बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इसका मकसद है ज्यादा से ज्यादा लोगों को एथलेटिक्स से जोड़ना और खेलों को उनकी लाइफ का अहम हिस्सा बनाना। आज के समय में भी बहुत से लोग सोचते हैं कि एथलेटिक्स सिर्फ प्रोफेशनल एथलीट्स के लिए होता है, लेकिन सच्चाई ये है कि ये हर इंसान के लिए फायदेमंद है।
एथलेटिक्स में दौड़ना, कूदना, फेंकना और चलना जैसी सिंपल और नेचुरल एक्टिविटीज शामिल होती हैं, जो हम बचपन से करते आ रहे हैं। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य था कि दुनियाभर में एथलेटिक्स को बढ़ावा दिया जाए और खासकर युवा पीढ़ी को स्पोर्ट्स के लिए मोटिवेट किया जाए। वर्तमान में ये दिन पूरी दुनिया में धूमधाम से मनाया जाता है और कई देशों में अलग-अलग लेवल पर एथलेटिक्स इवेंट्स भी आयोजित होते हैं।
Read More : International No Diet Day 2025 In Hindi : जानें इस खास दिन का महत्व और इतिहास
कब मनाया जाता है ‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ ?
हर साल 7 मई को दुनियाभर में ‘विश्व एथलीट दिवस’ (World Athletics Day 2025) मनाया जाता है जो खेल और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह समर्पित है। आपको बता दें, कि ये दिन सिर्फ एक स्पोर्ट्स इवेंट नहीं है, बल्कि हमें ये भी याद दिलाता है कि फिट रहना और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाना कितना जरूरी है। आजकल की लाइफस्टाइल में जहां हम ज्यादातर वक्त मोबाइल और लैपटॉप पर बिताते हैं, ऐसे में ये दिन हमें अपने हेल्थ के बारे में सोचने का मौका देता है।

एथलेटिक्स के फायदे
बात करें अगर एथलेटिक्स (World Athletics Day 2025) के फायदों की तो ये सिर्फ बॉडी को फिट रखने तक सीमित नहीं है। जब आप दौड़ते हैं या किसी एथलेटिक एक्टिविटी में हिस्सा लेते हैं, तो आपका स्टैमिना बढ़ता है, हार्ट हेल्थ बेहतर होती है और मेंटल हेल्थ पर भी पॉजिटिव असर पड़ता है। रिसर्च में भी ये बात साबित हो चुकी है कि रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी स्ट्रेस कम करने और मूड बेहतर करने में मदद करती है। यही वजह है कि डॉक्टर्स और फिटनेस एक्सपर्ट्स हमेशा कहते हैं कि रोजाना कम से कम 30 मिनट फिजिकल एक्टिविटी जरूर करनी चाहिए।
हमारा शरीर एक मशीन की तरह होता है, अगर हम इसे ज्यादा आराम देंगे तो इसमें जंग लग जाएगी और उसी जंग से बचने का तरीका है जीवन में एथलेटिक्स को अपनाना। इससे हमारा शरीर तथा शरीर के सभी अंग चलते रहते हैं और उन्हें मजबूती मिलती है। इसके अलावा, खेल हमारे आत्मविश्वास को भी बढ़ाते हैं। जब आप किसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हैं और अपना बेस्ट देते हैं, तो एक पॉजिटिविटी आती है और खुद पर भरोसा बढ़ता है।
इसके साथ ही खेलों के जरिए हमें नए-नए लोगों से मिलने का मौका मिलता है जिससे हमारी सोशल स्किल्स भी डेवलप होती हैं और एक सपोर्टिव कम्युनिटी का हिस्सा बनने का मौका भी मिलता है, जो मेंटल हेल्थ के लिए भी काफी लाभदायक होता है। सबसे अच्छी बात ये है कि एथलेटिक्स (World Athletics Day 2025) में उम्र की कोई सीमा नहीं होती। बच्चे, युवा, यहां तक कि बुजुर्ग भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। ये ना सिर्फ हेल्थ को बेहतर बनाता है बल्कि हमें एक पॉजिटिव एनर्जी भी देता है।
Read More : Coal Miners Day 2025 In Hindi : कब और क्यों मनाया जाता है ‘कोयला खनिक दिवस’, क्या है इसका महत्व
‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ का इतिहास
‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ (World Athletics Day 2025) की शुरुआत साल 1996 में हुई थी और इसकी पहल इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशन (IAAF) ने की थी, जिसे आज हम वर्ल्ड एथलेटिक्स के नाम से जानते हैं। इस दिन को शुरू करने का मकसद था दुनियाभर में एथलेटिक्स को बढ़ावा देना और लोगों, खासकर युवाओं, में खेलों के प्रति रुचि जगाना। दरअसल, एथलेटिक्स एक ऐसा खेल है जो न सिर्फ शरीर को फिट रखता है बल्कि आत्मविश्वास और टीम वर्क जैसी क्वालिटीज भी डेवलप करता है। यही वजह थी कि IAAF ने सोचा कि क्यों न एक ऐसा दिन मनाया जाए जो पूरी तरह से एथलेटिक्स के नाम हो।
इसके अलावा ‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ (World Athletics Day 2025) के बारे में एक दिलचस्प बात ये भी है कि जिस दिन ‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ (World Athletics Day 2025) की शुरुआत हुई, उसी दिन IAAF की स्थापना भी हुई थी। यही कारण है कि ये दिन एथलेटिक्स की दुनिया के लिए डबल सेलिब्रेशन जैसा है। शुरुआत में ये दिन कुछ चुनिंदा देशों में ही मनाया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई और आज ये पूरी दुनिया में बड़े पैमाने पर सेलिब्रेट किया जाता है।

क्यों मनाया जाता है ‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ ?
‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ (World Athletics Day 2025) मनाने का सबसे बड़ा मकसद यही था कि लोग एथलेटिक्स को सिर्फ एक खेल न समझें बल्कि इसे अपनी डेली लाइफ का हिस्सा बनाएं। क्योंकि जब आप फिजिकली एक्टिव रहते हैं तो उसका असर सिर्फ आपके शरीर पर नहीं बल्कि आपकी मेंटल हेल्थ पर भी पड़ता है। इसीलिए वर्ल्ड एथलेटिक्स ने ये दिन एक तरह से फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को प्रमोट करने के लिए डेडिकेट किया है।
आज के समय में जब टेक्नोलॉजी ने हमारी जिंदगी को बहुत आसान बना दिया है, वहीं शारीरिक एक्टिविटी कम होती जा रही है। ऐसे में इस तरह के दिन हमें याद दिलाते हैं कि हेल्दी रहने के लिए खेल और फिजिकल एक्टिविटी कितनी जरूरी है। इसलिए हर साल 7 मई को मनाया जाने वाला ‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ (World Athletics Day 2025) सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि ये हमें अपने हेल्थ और फिटनेस के प्रति सजग रहने का मौका देता है।
Read More : World Press Freedom Day 2025 In Hindi : क्यों और कब मनाया जाता है ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’
इस दिन के जरिए हमें अलग-अलग एथलेटिक दलों और संगठनों को भी अपने खेल के प्रति और ज्यादा जागरूक करने का मौका मिलता है। ये दिन उन सभी एथलीट्स के लिए भी खास होता है जो दिन-रात मेहनत करके अपने देश और समाज का नाम रोशन करते हैं। ऐसे में ‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन जाता है जहां हर स्तर के खिलाड़ी और खेल प्रेमी एक साथ जुड़ते हैं और खेलों के महत्व को समझते हैं।
‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ का महत्व
आपको बता दें कि ‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ (World Athletics Day 2025) का महत्व असल में काफी गहरा है। इस दिन का मकसद सिर्फ एथलेटिक्स को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि लोगों के बीच खेलों के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें हेल्दी और एक्टिव लाइफ जीने के लिए प्रेरित करना भी है। आज के समय में जहां लोग अपने बिजी शेड्यूल में फिटनेस को नजरअंदाज कर देते हैं, ऐसे में ये दिन हमें याद दिलाता है कि खेल और फिजिकल एक्टिविटी हमारी लाइफ का अहम हिस्सा होने चाहिए।
एथलेटिक्स जैसे खेल ना सिर्फ हमारी बॉडी को मजबूत बनाते हैं बल्कि हमारे माइंड को भी पॉजिटिव रखते हैं। ‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ मनाने का मुख्य उद्देश्य सिर्फ फिजिकल हेल्थ तक सीमित नहीं है। जब हम खेल में हिस्सा लेते हैं तो उससे हमें कई अहम जिंदगी के सबक भी सीखने को मिलते हैं। जैसे टीम वर्क यानी मिलजुल कर काम करना, अनुशासन यानी डिसिप्लिन और सामंजस्य यानी कोऑर्डिनेशन। जब आप किसी ग्रुप में खेलते हैं तो एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाना और टीम के गोल को अचीव करना सीखते हैं। ये सारी चीजें न सिर्फ खेल के मैदान में काम आती हैं बल्कि हमारी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में भी बहुत मददगार होती हैं।
‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ (World Athletics Day 2025) हमें ये याद दिलाता है कि खेल हमें ये सिखाता है कि एक हेल्दी बॉडी के साथ-साथ एक हेल्दी माइंड भी उतना ही जरूरी है और खेल दोनों को बैलेंस में रखने में मदद करते हैं। जब लोग इस दिन से जुड़ते हैं, चाहे वो किसी इवेंट में हिस्सा लें या सिर्फ इस दिन के महत्व को समझें, तो वे खेलों के असली मोल को जान पाते हैं और खुद को एक्टिव और फिट रखने के लिए मोटिवेट होते हैं।

Read More : World Asthma Day 2025 In Hindi : क्यों और कब मनाया जाता है ‘विश्व अस्थमा दिवस’, क्या है इसका महत्व
‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ 2025 की थीम
आपको बता दें कि हर साल ‘विश्व एथलेटिक्स दिवस’ को सेलिब्रेट करने के लिए एक खास थीम निर्धारित की जाती है। ऐसे में इस साल यानी ‘विश्व एथलेटिक्स दिवस 2025′ (World Athletics Day 2025) की थीम है – “खेल के मैदान को बराबर बनाना, सभी को साथ लेकर चलना।” इस थीम का मतलब है कि खेल के दुनिया में हर किसी को बराबरी का मौका मिलना चाहिए, चाहे वो किसी भी उम्र, जेंडर या बैकग्राउंड से क्यों न आता हो। इस बार की थीम खास इसलिए भी है क्योंकि ये खेलों में बराबरी और सबकी भागीदारी को प्रमोट कर रही है, जो आज के समय में बहुत जरूरी है।