World Earth Day 2025 In Hindi : पृथ्वी… हमारी एकमात्र ऐसी जगह है, जहां ज़िंदगी है। यह सिर्फ इंसानों के लिए नहीं बल्कि अनगिनत अन्य जीवों के लिए भी एकमात्र जीने की जगह है। लेकिन आज इंसान हमारी पृथ्वी को हीं खतरें में डाल चुके हैं। दरअसल, हमारी पृथ्वी को प्रदूषण और वनों की कटाई जैसी चीजों से काफी खतरा है और इससे हमारी पृथ्वी का संतुलन बिगड़ता जा रहा है।
ऐसे में लोगों को पृथ्वी के संरक्षण के बारे में जागरुक करने के लिए हर साल 22 अप्रैल को दुनियाभर में ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ (World Earth Day) मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मकसद लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना है, ताकि हम सब मिलकर अपनी धरती को सुरक्षित रख सकें। तो आइए इस ब्लॉग में जानते हैं ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ (World Earth Day) के इतिहास, महत्व और इस साल की थीम के बारे में सारी डिटेल्स –

क्यों जरुरी है ‘विश्व पृथ्वी दिवस’?
अगर हम इतिहास की तरफ देखें, तो औद्योगिक क्रांति के बाद से इंसानी गतिविधियों की वजह से कार्बन उत्सर्जन में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा फैक्ट्रियों और गाड़ियों से निकलता धुआं, पेड़ों की कटाई और जल स्रोतों का दोहन – इन सबने मिलकर हमारे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचाया है।
आज के दौर में जब सबकुछ तेजी से आगे बढ़ रहा है। हर दिन बड़ी-बड़ी इमारतें, चमचमाती सड़कें और टेक्नोलॉजी का बोलबाला बढ़ता जा रहा है। ऐसे में इन सबके बीच हमने कहीं न कहीं प्रकृति से दूरी बना ली है। आज के समय में पूंजीवादी विकास का जो मॉडल है, उसमें प्रॉफिट तो है लेकिन इससे वातावरण का नुकसान भी है।
इसीलिए ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ (World Earth Day) हमें ये याद दिलाता है कि सिर्फ तरक्की की रेस में भागना काफी नहीं है, हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाना भी जरूरी है। ये दिन हमें सोचने पर मजबूर करता है कि हम क्या खो रहे हैं और कैसे इसे बचाया जा सकता है।
कब मनाया जाता है ‘विश्व पृथ्वी दिवस’?
हर साल 22 अप्रैल को ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ (World Earth Day) मनाया जाता है। भारत समेत लगभग 195 से ज्यादा देश पृथ्वी दिवस को मनाते हैं। इस साल 2025 में यह विश्व पृथ्वी दिवस (Earth Day) का 55 वां आयोजन होगा। इस दिन हम सभी कूड़े की सफाई और वृक्षारोपण जैसे कार्यों में संलग्न होकर एक खुशहाल, स्वस्थ दुनिया में योगदान करते हैं।
Read More : National Civil Service Day 2025 In Hindi : भारत में कब और क्यों मनाया जाता है ‘राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस’?

क्यों मनाया जाता है ‘विश्व पृथ्वी दिवस’?
‘विश्व पृथ्वी दिवस’ (World Earth Day) को मनाने के पीछे का उद्देश्य कई हो सकते हैं। सबसे पहले ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ को मनाने का सबसे बड़ा मकसद लोगों को प्रकृति और पर्यावरण के बारे में जागरूक करना है। आज के समय में जिस तेजी से जनसंख्या में वृद्धी हो रही है, जंगल काटे जा रहे हैं और इन सबका सीधा असर हमारी पृथ्वी पर पड़ता है। ऐसे में लोगों को हमारी प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरुक करना बेहद आवश्यक हो गया है।
इस दिन को मनाने का मकसद यह भी है कि लोग आज के समय में पृथ्वी, प्रकृति और पर्यावरण से जुड़ी गंभीर समस्याओं के बारे में सोचे और मिलकर इनके हल ढूंढ़ें। हमें समझना होगा कि अगर हम इसी रफ्तार से विकास की दौड़ में भागते रहे, तो हमारी पृथ्वी और इसके प्राकृतिक संसाधन ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएंगे।
अंत में ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ हमें याद दिलाता है कि हमें पेड़-पौधों, पानी, मिट्टी और वायु जैसी चीज़ों को बचाने की जरूरत है। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों और कई संस्थाओं में ऐसे कार्यक्रम होते हैं, जो पर्यावरण को बचाने का संदेश देते हैं, जिसमें पेड़ लगाना, प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करना या सफाई अभियान चलाना जैसे कार्यक्रम शामिल होते हैं।
Read More : 108MP कैमरा और AI बटन वाला HONOR 400 Lite 5G हुआ लॉन्च, मिलेगा iPhone जैसा एक्सपीरियंस
‘विश्व पृथ्वी दिवस’ का इतिहास
‘विश्व पृथ्वी दिवस’ (World Earth Day) की शुरुआत एक छोटे से आइडिया से हुई थी, जो बाद में एक बड़े आंदोलन में बदल गया। इसकी नींव 1970 में अमेरिका में रखी गई थी, लेकिन आज इसे दुनियाभर के लोग हर साल 22 अप्रैल को मनाते हैं।
इस दिन की सोच एक अमेरिकी सीनेटर, गेलॉर्ड नेल्सन की थी। वो एक ऐसे समय में पर्यावरण के बारे में आवाज उठाना चाहते थे जब औद्योगिक प्रदूषण, जंगलों की कटाई और प्राकृतिक परिवर्तन जैसे मुद्दों को लोग उतना सीरियसली नहीं लेते थे। उन्होंने चाहा कि एक ऐसा दिन हो, जब हर कोई सिर्फ पृथ्वी और उसके हालात के बारे में सोचे।
इसके बाद 22 अप्रैल 1970 को पहली बार ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ (World Earth Day) मनाया गया। उस दिन करीब 2 करोड़ लोग सड़कों पर उतरे थे, स्कूल-कॉलेज में जागरुकता अभियान हुए, और सभी ने एक साथ मिलकर पर्यावरण को बचाने की बात की। यही वो दिन था जब पर्यावरण को लेकर एक नया जागरूकता का दौर शुरू हुआ।
आज के समय में ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ (World Earth Day) एक ग्लोबल इवेंट बन चुका है, जिसमें हर साल दुनिया के कोने-कोने में लोग भाग लेते हैं। कोई पौधे लगाता है, कोई बीच साफ करता है, तो कोई सोशल मीडिया पर जागरुकता फैलाता है।

‘विश्व पृथ्वी दिवस 2025’ की थीम
आपको बता दें कि हर साल ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ (World Earth Day) एक निर्धारित थीम के तहत मनाया जाता है। ‘विश्व पृथ्वी दिवस 2025’ की थीम ‘हमारी शक्ति, हमारा ग्रह’ (Our Power, Our Planet) है। इस थीम का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग पर ध्यान केंद्रित करना है और एक स्वस्थ, टिकाऊ, समतामूलक और समृद्ध भविष्य के लिए लोगों को नवीकरणीय ऊर्जा का समर्थन करने के लिए प्रेरित करना है।
Read More : World Heritage Day 2025 In Hindi : जानिए क्यों जरूरी है हमारी सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा
‘विश्व पृथ्वी दिवस’ का महत्व
‘विश्व पृथ्वी दिवस’ (World Earth Day) सिर्फ एक महत्वपूर्ण दिवस हीं नहीं बल्कि लोगों को हमारी पृथ्वी के प्रति जागरुक करने का एक महत्वपूर्ण साधन भी है, जो बच्चे, युवा और बूढों तक को बताता है कि अब वक्त आ गया है कि हम छोटे-छोटे कदम उठाकर बड़ा बदलाव लाएं – जैसे पेड़ लगाना, प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करना, पानी और बिजली की बचत करना। क्योंकि अगर हमने अब नहीं सोचा, तो आने वाली पीढ़ियों के पास शायद एक साफ और हरी-भरी पृथ्वी न बचे।