World Press Freedom Day 2025 In Hindi : हर साल 3 मई को पूरी दुनिया में ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ (World Press Freedom Day 2025) मनाया जाता है। ये दिन सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि एक मौका है ये सोचने का कि हमारी जिंदगी में स्वतंत्र और निर्भीक मीडिया की कितनी बड़ी अहमियत है।
हमारे लिए ये सोच पाना भी मुमकिन नहीं कि अगर खबरें बिना किसी दबाव के आ पाएं, तो हमारे सामने सच्चाई कितनी आसानी से आ पाएगी। ऐसे में ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’हमें याद दिलाता है कि मीडिया को खुलकर बोलने देना कितना जरूरी है।
इस दिन दुनियाभर के कई संगठन और ग्रुप्स मिलकर ये कोशिश करते हैं कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और उन्हें बिना किसी डर के काम करने का माहौल मिले। साथ हीं इस दिन दुनियाभर के लोगों को ये भी समझाया जाता है कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए एक स्वतंत्र मीडिया कितनी जरूरी है।
गौरतलब है कि भारत में भी प्रेस की आजादी (World Press Freedom Day 2025) को लेकर अक्सर बहस होती रहती है। हालांकि इसके बावजूद कई बार पत्रकारों को सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ती है। ऐसे में इस दिन का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है ताकि हम सब मिलकर ये तय करें कि सच लिखने और दिखाने की आज़ादी बनी रहे। साथ हीं ये भी सुनिश्चित किया जा सके कि मीडिया को आजादी देना कितना जरुरी है। तो आइए जानते हैं ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ के इतिहास, महत्व और थीम के बारे में सारी डिटेल्स –
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‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ का इतिहास
आपको बता दें कि ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ (World Press Freedom Day 2025) को मनाने की शुरुआत यूनेस्को (UNESCO) ने साल 1991 में की थी। उस समय, UNESCO की जनरल कॉन्फ्रेंस में ये बात सामने आई कि दुनियाभर के पत्रकारों और मीडिया हाउस को खुलकर काम करने की आज़ादी मिलनी चाहिए। वहां इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई और आखिरकार 1993 में इसे आधिकारिक तौर पर ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ घोषित कर दिया गया।
इसके बाद पहली बार ये दिवस 3 मई 1994 को मनाया गया और तब से लेकर आज तक हर साल ये दिन एक बड़ा वैश्विक जागरूकता अभियान बन चुका है। वर्तमान में United Nations, UNESCO और कई बड़े-बड़े संगठन इस दिन को लेकर सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और प्रतियोगिताएं भी करते हैं, ताकि लोग समझ सकें कि एक स्वतंत्र मीडिया लोकतंत्र की रीढ़ होती है।
इस दिन का मकसद सिर्फ मीडिया की आजादी को सेलिब्रेट करना नहीं है, बल्कि ये याद दिलाना भी है कि सच्ची खबर दिखाने वाले पत्रकारों को सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए।
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क्यों मनाया जाता है ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’?
‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ (World Press Freedom Day 2025) सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि एक मौका है ये सोचने का कि हमारी जिंदगी में स्वतंत्र एवं स्वतंत्र मीडिया की कितनी बड़ी अहमियत है। जब मीडिया आज़ाद होता है, तभी वो सच्चाई दिखा पाता है — चाहे वो सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना हो या आम लोगों की परेशानियों को सामने लाना।
ये सोचकर हीं डर लगता है कि अगर मीडिया पर हमेशा की तरह पाबंदी लगाई जाएगी, तो हमें खबरों के पीछे की सच्चाई का पता कैसे लगेगा। हमें सही जानकारी तभी मिलती है जब पत्रकार बिना डर के रिपोर्ट कर पाते हैं। और इसी आजादी को सेलिब्रेट करने और उसका सम्मान करने के लिए हर साल 3 मई को ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ (World Press Freedom Day 2025) मनाया जाता है।
इस दिन का मकसद है लोगों को ये एहसास दिलाना कि पत्रकारों की आज़ादी सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए जरूरी है। ये वो लोग हैं जो पब्लिक लाइफ पर नजर रखते हैं, हमारे हक की बात करते हैं और समाज को सूचित रखते हैं।
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United Nations, UNESCO और कई इंटरनेशनल संस्थाएं इस दिन पर खास कार्यक्रम और वार्ता करती हैं, ताकि मीडिया का महत्व और उसकी चुनौतियों को लोगों तक पहुंचाया जा सके।
‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ 2025 की थीम
आपको बता दें कि हर साल ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ (World Press Freedom Day 2025) को सेलिब्रेट करने के लिए एक खास थीम निर्धारित की जाती है, जो वैश्विक स्तर पर मीडिया को आजादी दिलाने के लिए लोगों को जागरुक करता है। ऐसे में साल 2025 के लिए ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’की थीम है – “ग्रह के लिए एक प्रेस: पर्यावरण संकट के लिए पत्रकारिता”। इस साल यह थीम जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता हानि और प्रदूषण सहित वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों को संबोधित करने में पत्रकारिता की भूमिका पर केंद्रित है।

कैसे मनाया जाता है ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’?
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- दरअसल, ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ (World Press Freedom Day 2025) पर हर साल दुनियाभर में कई तरह के कार्यक्रम और अभियान चलाए जाते हैं। इनका मकसद होता है लोगों को ये समझाना कि मीडिया की आजादी हमारे लोकतंत्र के लिए कितनी जरूरी है।
- इस दिन कई संगठनों और संस्थाओं की ओर से इवेंट होते हैं, जिनमें पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। इनमें चर्चा होती है कि कैसे पत्रकार बिना डर के काम करें और किस तरह समाज उन्हें सपोर्ट करे।
- सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं, छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी जागरुकता बढ़ाने की कोशिश होती है। अलग-अलग समूह और समुदाय सोशल मीडिया, ब्लॉग्स और लेखों के जरिए अपनी आवाज उठाते हैं और बताते हैं कि एक स्वतंत्र प्रेस ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।
- इस दिन का एक और मकसद ये भी है कि आम लोग समझें कि मीडिया के पास सच्चाई दिखाने की ताकत है। जब पत्रकारों को खुलकर काम करने का मौका मिलता है, तब ही वो लोगों के मुद्दों को सामने ला पाते हैं – चाहे वो भ्रष्टाचार हो, शिक्षा की कमी या कोई और समाज से जुड़ी समस्या।
- सबसे जरूरी बात – लोगों को ये भी याद दिलाया जाता है कि पत्रकारों के साथ इज्जत और समझदारी से पेश आना चाहिए। क्योंकि जब तक मीडिया को खुलकर काम करने की आजादी मिलेगी, तब तक हम सबको सही और भरोसेमंद जानकारी मिलती रहेगी।
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कुल मिलाकर कहें तो, ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ (World Press Freedom Day 2025) एक महत्वपूर्ण दिन है जो मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा के महत्व को समझने और जागरूकता फैलाने के लिए दुनियाभर में विशेष रूप से बनाया गया है।